Posted inकविताएँ नारी समाज मुझे मत मारोमुझे मत मारो…हे माँ मुझे मत मारो, मेरी जिंदगी सवारों,कोख में तेरी पली हूं, फूलो की कली हूं।जन्म मुझे लेने दो, प्रकृति की रचना को आने दो।मत सोचो के भार… Posted by Lakhan Varma August 27, 2025