रजनीगंधा के एहसास से

रजनीगंधा के एहसास से

अब भी आती है तुम्हारी खुशबू, उस किताब से जो तुमने पढ़ी थी कभी, फूल रजनीगंधा के अंदाज से शीशे में तो अक्सर नजर आता है चेहरा तुम्हारा, कैसे मानू…
इत्तेफाक…

इत्तेफाक…

यूं ही इत्तेफाकन नहीं होती, मुलाकात किसी से यूं ही इत्तेफाकत नहीं होती, बात किसी से कभी मिल जाना, कहीं पर इस अंदाज से खुली जुल्फों को लहराना इस अंदाज…
artistic representation of emotional struggle.

बेहया हो तुम, बेहया है हम

बेहया हो तुम, बेहया है हमतुम्हें मारा, तुम्हें रुलायातुम्हें प्रताड़ा, तुम्हें जलायातुम्हें सजाया, तुम्हें फसायाकिस मिट्टी की बनी हो तुम…तुम्हें क्या क्या नहीं कहा, तुमने क्या क्या नहीं सहातुम्हें सजाया,…
साबरमती के सन्त…

साबरमती के सन्त…

साबरमती के सन्त… दे दी हमें आज़ादी बिना शस्त्र, बिना ढाल,साबरमती के सन्त आपने कर दिया कमाल..आँधी में भी जलती रही गाँधी की मशाल,साबरमती के सन्त आपने कर दिया कमाल..धरती…
Elderly man in traditional attire.

भारत के ‘मिसाइल मैन’ डॉ. कलाम का जीवन और कार्य

डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम, जिन्हें हम "मिसाइल मैन" और "जनता के राष्ट्रपति" के नाम से जानते हैं, भारत के 11वें राष्ट्रपति (2002–2007) रहे। वे एक महान वैज्ञानिक, शिक्षक,…
जीवन: एक यात्रा, न कि सिर्फ एक मंज़िल

जीवन: एक यात्रा, न कि सिर्फ एक मंज़िल

"जीवन क्या है???" यह एक ऐसा प्रश्न है जो हम सब कभी न कभी खुद से ज़रूर पूछते हैं। कोई इसे संघर्षों की श्रृंखला मानता है, कोई अवसरों की दौड़,…
मुझे मत मारो

मुझे मत मारो

मुझे मत मारो…हे माँ मुझे मत मारो, मेरी जिंदगी सवारों,कोख में तेरी पली हूं, फूलो की कली हूं।जन्म मुझे लेने दो, प्रकृति की रचना को आने दो।मत सोचो के भार…
Sad woman holding a mask.

स्त्री की पहचान: क्या उपनाम से ही होती है ?

क्या कभी सोचा है आपने ? क्यों हर बार स्त्री का परिचय उसके नाम से नहीं, बल्कि किसी और के उपनाम से शुरू होता है? क्यों उसकी पहचान हमेशा पिता,…