बेहया हो तुम, बेहया है हमतुम्हें मारा, तुम्हें रुलायातुम्हें प्रताड़ा, तुम्हें जलायातुम्हें सजाया, तुम्हें फसायाकिस मिट्टी की बनी हो तुम…तुम्हें क्या क्या नहीं कहा, तुमने क्या क्या नहीं सहातुम्हें सजाया,…
साबरमती के सन्त… दे दी हमें आज़ादी बिना शस्त्र, बिना ढाल,साबरमती के सन्त आपने कर दिया कमाल..आँधी में भी जलती रही गाँधी की मशाल,साबरमती के सन्त आपने कर दिया कमाल..धरती…
मुझे मत मारो…हे माँ मुझे मत मारो, मेरी जिंदगी सवारों,कोख में तेरी पली हूं, फूलो की कली हूं।जन्म मुझे लेने दो, प्रकृति की रचना को आने दो।मत सोचो के भार…